पटना में रावण-दहन के उपरान्त मची भगदड़ के बाद जैसी कुव्यवस्था औरबदइंतजामी देखने को मिली वो सुशासनी सरकार के बहुप्रचारित आपदा प्रबंधन के मुँह पर 'तमाँचाही है. तीन साल पहले छठ पूजा के अवसर पर ऐसी ही परिस्थितियों में ऐसाही हादसा हुआ था और तब भी सरकार की व्यवस्था की पोल खुल गई थी लेकिन फिर भी सरकारचेती नहीं.

Read more ...

अपने ही 'पोस्टमें गोल मारने के बाद किसी खिलाड़ी की पीठथप-थपाई जाती है क्या कल मेडीसन-स्क्वायर के बाहर मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई के साथ अप्रवासी भारतीयों ने राजदीप के द्वारा देश के प्रधामन्त्री की छवि कोधूमिल करने के उद्देश्य से पूछे गए विद्वेषपूर्ण सवालों के उपरान्त जैसा सलूक किया उससे फिर से एक बार ये सवाल उठता है कि "मीडिया को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रताके नाम पर हस्तक्षेप की कितनी 'दूरीदी जानी चाहिए?"

Read more ...

१९९० के दशक में लालू राज के शुरुआती दिनों (जिसे कालान्तर में जंगल-राज के विशेषण से नवाजा गया) में बिहार में जब सत्ता की शह पर आपराधिक चरित्र के लोगों वबाहुबलियों के तांडव की शुरुआत हुई थी तो सर्वप्रथम जो चेहरा अपने कारनामों के कारण सबसे चर्चित हुआ था वो पप्पू यादव का ही था l

Read more ...

केंद्र – सरकार ने पूरे देश में १०० स्मार्ट-सिटी विकसितकिए जाने की घोषणा की है भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के सचिव का इसीसंदर्भ में बिहार का दौरा सोमवार (१५.०९.२०१४) को प्रस्तावित है सूत्रों की मानेंतो बिहार के तीन शहरों पटनागया और भागलपुर का चयन इस प्रयोजन हेतू सुनिश्चित हैलेकिन बिहार सरकार ११ शहरों के लिए अपनी दावेदारी रख रही है l

Read more ...

"Poverty is a curse, must be eradicated" says नीतीश जी....

ये तो हम सबजानते हैं कि गरीबी अभिशाप है ....बेहतर होता आप ये बताते कि आपकी सरपरस्ती के नौसालों के शासन में इसके उन्मूलन के लिए आपने और आपकी सुशासनी सरकार ने कौन-कौन सेसार्थक पहल किए और उनका प्रतिफल बिहार की गरीब जनता को क्या मिला?

Read more ...

भारत से प्रतिवर्ष औसतन सवा लाख लोग हज करनेके लिए मक्का मदीना जाते हैं। इस्लामी आदेशानुसार हज यात्रा पर उसी इस्लामी-धर्मावलम्बी को जाना चाहिएजो अपने जीवन के सभी पारिवारिक दायित्वों से मुक्त होचुका हो और जिसके पास अपनी गाढ़ी कमाई हो और हज के निमित्त वो उसी कमाई को खर्च करे l

Read more ...

सार्वजनिक मंचों पर और विशेषकर जब चुनाव नजदीक आते हैं तो नीतीशकुमार "जाति-बंधन तोड़ने वाले"के रुप में अपनी 'छद्यम पहचानबनाने को लालायितदिखते हैं और अपने समालोचकों को उनकी सच बयानी पर आड़े हाथों भी लेते हैं l

Read more ...

सामान्य रहन-सहन में भी एक प्रचलन काफी आम होता है कि लोग अपने drawing room को काफी साफ-सुथरा और सजा-संवार के रखतेहैं भले ही घर के बाकी हिस्से अस्त-व्यस्त ही क्यूँ ना हों किसी प्रदेश की राजधानी भी उस प्रदेश की drawing room सरीखी ही होती है और इसका मुजाहिरा देशके गरीब से गरीब व अति-पिछड़ा राज्यों की राजधानियों में होता है l

Read more ...

बिहार भाजपा की प्रदेश इकाई कैसे अंतर्विरोधोंअंतर्कलह व गुटबाजी से जूझ रही हैइसका जिक्र मैं लोकसभा चुनावों के पहले से अपने आलेखों व विश्लेषणों में करता आरहा हूँ लोकसभा चुनावों तक को नमो के नाम पर किसी तरह से इस आश्वासन के साथ इस परपर्दा डाला गया कि चुनावों के बाद हल अवश्य ही ढूँढा जाएगा लेकिन स्थिति यथावत हीरही और जिसका खामियाजा १० सीटों वाले उपचुनाव में पार्टी को भुगतना भी पड़ा l

Read more ...

बिहार के उप-चुनावों के नतीजों के बाद सोशल मीडिया व मीडिया के अन्य माध्यमों पर हार को स्वीकारने और उसकी समीक्षा करने की बजाए सच्चाई से मुँह मोड़ते हुए भाजपा के चन्द नेतागण व समर्थक ये कहते हुए लगातार देखे जा रहे हैं कि भाजपा ने अकेले दम पर लालू-नीतीश-काँग्रेस गठबंधन का मुक़ाबला किया और चार सीटें हासिल कीं l”

Read more ...

Latest Comments