भारत को स्वतंत्र हुए भी सड़सठ साल हो गए हैं और साथ में भारतीय संसद भीसाठ साल से ऊपर की हो गई है। भारतीय संसद पर जिस तरह अब तक लिखा गया हैदिखायागया है और जिस तरह उसे महिमामंडित किया गया हैविशेषकर राजनीतिक तबके कीठकुर-सुहाती करने वाले स्वयंभु-पंडितों के द्वाराउसे देख कर मशहूर व्यंग्यकारहरिशंकर परसाई जी का कहा हुआ याद आता है कि इस देश के बुद्धिजीवी सब शेर हैंपरवे सियारों की बारात में बैंड बजाते हैं।

Read more ...

बिहार के २३ जिले सूखेकी चपेट में आ चुके हैं और सरकार अभी नींद से पूरी तरह जागी भी नहीं है मुख्यमंत्री अपने गाँव और गृह-जिले के विकास से आगे देख नहीं पा रहे हैंचंददिनों पहले ही मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर ये कहा कि अपने गृह-जिले और उससेसटे जिले जहानाबाद का विकास उनकी प्राथमिकता हैl

Read more ...

लालू जी... इस मण्डलकमण्डल की राजनीति सेअब तो ऊपर उठिए  l अब तक तो आप और आप जैसे अन्य किसी ना किसी रूप में यही मण्डलकी राजनीति करते आ रहे थे और इसका परिणाम भी आप भुगत रहे हैंजनता ने आप लोगों कोहाशिए पर डाल दिया है , यहाँ तक की कमण्डल वालों’ ने भी कमण्डल का त्याग करअपनी राजनीति की दिशा बदली क्यूंकी कमण्डल की राजनीति’ के दुष्परिणाम वो भुगत चुकेथे और अपनी दिशा बदलने में ही उन्हें अपना भला नजर आया l

Read more ...

आज पूरा उत्तर-पूर्व भारत बिजली की संकट से जूझ रहा हैबिहार में भी स्थिति भयावहहै स्वाभाविक भी है क्यूंकी बिहार में सुचारु रूप से काम कर रही बिजली उत्पादन कीकोई भी इकाई नहीं है बिहार में नयी केन्द्रीय परियोजनाओं से उत्पादन की शुरुआत मेंभी अभी देरी है और राज्य सरकार की उत्पादन - इकाईयाँ भी बदहाली और बंदी की कगार परही हैं l

Read more ...

बिहार में इंसेफेलाइटिस का कहर हरेक साल की तरह इस साल भी जारी है बिहार सरकार की मानें तो अब केवल ४०-५० मौतें हुई हैं जबकि मुजफ्फरपुर और गया के भिन्न इलाकों में मौजूद पत्रकार मित्रों व सूत्रों के अनुसार संख्या इससे कहीं ज्यादा है लगभग १०० के करीब l

Read more ...

नैतिकता की आड़ में इस्तीफे की नौटंकी का सच नैतिकता कीदुहाई देने वाले नीतीश खुद विरोधाभास की राजनीति के द्योतक हैं। यदि नैतिकता केआधार पर त्यागपत्र देना ही था तो उन्हें उस वक्त ही दे देना चाहिए था जब उन्होंनेभाजपा से गठबंधन तोड़ा था क्यूँकी जनमत सिर्फ उनके अकेले के लिए नहीं था ।

Read more ...

नयी सरकार से उम्मीदें और सरकार को जनता के सुझाव जिस अपारबहुमत के साथ जनता ने मोदी जी के नेतृत्व में नयी सरकार को चुना है उससे स्पष्ट हैकि जनता की अपेक्षायें काफी बड़ी और बढ़ी हैं ,मोदी जी भी उसे भली – भाँति समझ रहेहोंगे l

Read more ...

भारतीय जनता पार्टी ने एक स्पष्ट एजेंडे के साथ चुनाव में जाने का फैसला कियामोदी के नेतृत्व में और मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करयहाँ काँग्रेस वाली भ्रम की स्थिति नहीं थी भाजपा ने अपना एक प्रधानमंत्री का उम्मीदवार जनता के समक्ष रखा और उस के नाम पर जनता से बहुमत की गुजारिश की और अगर मोदी के नाम पर भाजपा की सरकार बनती है तो मोदी जनता के द्वारा चुने हुए प्रधानमंत्री साबित होंगे ना कि हाई कमान के द्वारा थोपे हुए प्रधानमंत्री l

Read more ...

पटना के राजनीतिक व मीडिया के गलियारों में ऐसी चर्चा ज़ोरों पर है कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद एक बड़ा विघटन तीर वाली पार्टी में होगा (इसका जिक्र मैंने महीनों पहले अपने एक स्तम्भ में भी किया था) अगर मेरी और मेरे सूत्रों की मानें तो शरद यादव का इस पार्टी से रुखसत होने में महज एक औपचारिकता मात्र भर शेष है l

Read more ...

सुशासन की सरकार और सुशासनी प्रशासन ने बिहार में शराब बेचने की खुली छूट दे रखी है l सच्चाई तो ये है कि शराब बिक्री के बहुत बड़े हिस्से पर अवैध कारोबारियों का ही कब्ज़ा है, जिनकी प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और अन्य सरकारी बाबुओं से साठ-गाँठ हैl जाहिर है इस कमाई में सबका अपना-अपना हिस्सा होता हैl जिस तरह आज बिहार में गाँव-गाँव, शहर-शहर, मोहल्ले–मोहल्ले, नुक्कड़-नुक्कड़ शराब मिल रही है या बेची जा रही है, उसने शराब पीने की प्रवृति को निःसंदेह बढ़ावा दिया हैl

Read more ...

Latest Comments