साल २०१७ की शुरुआत और माननीय प्रधानमंत्री जी से १७ सवाल

Typography

साल २०१७ की शुरुआत और माननीय प्रधानमंत्री जी से १७ सवाल -

१. ५०वां दिन तो २८.१२.२०१६ को ही गुजर गया, क्या स्थिति सामान्य हो गयी ?

२. क्या नए नोटों और पूर्व से प्रचलन में चले आ रहे  नोटों की उपलब्धता सामान्य हो गयी ?

३. क्या देश के समस्त ग्रामीण और शहरी एटीएम को नए नोटों की साईज के हिसाब से रीकैलिब्रेट कर लिया गया है ?

४. कैशलेस अर्थव्यवस्था की पहल को अमलीजामा पहनाने की दिशा में संरचनाओं को दुरुस्त करने व् उनकी पहुँच को व्यापक बनाने के लिए  निजी ई- पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के प्रचार को छोड़ कर अब तक सरकार की ओर से कैसे और कौन-कौन से प्रयास हुए

५. क्या कार्ड के माध्यम से पेमेंट करने की व्यवस्था अनिवार्य सेवाओं के सारे संस्थानों, उपक्रमों, उद्यमों और एजेंसियों में सुचारू रूप से काम करने लगी है या ऐसी सारी जगहों पर  कार्ड के माध्यम से किए जाने वाले पेमेंट्स को सहर्ष स्वीकारा जा रहा है ?

६. कार्ड के साथ-साथ ई-पेमेंट के लिए सबसे जरूरी सुचारू मोबाईल व् इंटरनेट नेटवर्क को दुरुस्त कर लिया गया है ? अगर नहीं तो दिशा में सरकार की ओर से कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं?

७. बैंकों से कैश विथड्रावल की सीलिंग क्यूँ नहीं ख़त्म की जा रही है ?

८. आम आदमी के लेन-देन पर अंकुश आखिर कब तक

९. क्या आर्थिक नाकाबंदी का ये दौर तानाशाही व् आपातकाल नहीं है ?

१०. छोटे नोटों की तुलना में २००० रुपए के नए नोटों को ज्यादा संख्या में निर्गत किया जाना कैसे और किस हद तक व्यावहारिक ?

११. नोटबंदी और कैशलेश इकॉनमी की बातों से अर्थव्यवस्था एवं विशेषकर आम आदमी का नफा हुआ या नुकसान ?

१२.  ३१.१२.२०१६. के अपने संबोधन में आपके द्वारा नोटबंदी व् कालेधन का जिक्र नहीं किया जाना क्या इस बात का संकेत नहीं है कि  आपने मान लिया है कि आपका निर्णय देश के लिए उल्टा पड़ गया ?

१३. बैंकिंग के नित्य बदलते नियम व् प्रावधानों से आम जनता के बीच कायम हो रही भ्रम की स्थिति को दूर करने का है क्या कोई निदान ?

१४. नोटबंदी के कारण नगदी की कमी से प्रभावित व् बंद पड़े उद्योगों व् कारोबार के नुकसान की कैसे होगी भरपाई ?

१५. रोज कमा कर खाने वाले लाखों-करोड़ों हुए बेरोजगार, क्या ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराए जाने का है आपके पास कोई उपाय ?

१६. नोटबंदी के दौर में आर्थिक तंगहाली के कारण हुई सैंकड़ों मौतों का कौन है जिम्मेवार ?

१७. अंत में सबसे अहम् और सबसे ज्यादा पूछे जाने वाला सवाल कितना कालाधन सरकार के हत्थे चढ़ा ?


Alok Kumar,
Senior Journalist & Analyst

BLOG COMMENTS POWERED BY DISQUS

PhotoGallery

photogallery module

Your Favorite Recipes on PD

Recipes

Quick Poll

Should Nitish Kumar ditch RJD and Congress and come back to the NDA fold?

Latest Comments