मिट्टी घोटाला - उद्देश्य महज पॉलिटिकल माइलेज लेना तो नहीं है ?

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सुशील मोदी के द्वारा लालू यादव के परिवार पर लगाए गए हालिया आरोपों पर आज श्री लालू प्रसाद यादव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथ्यों व् दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष सार्वजनिक तौर पर सबके सामने रख दिया।

प्रस्तुत सात पन्नों की तथ्यात्मक सफाई को गौर से पढ़ने, देखने के उपरांत जमीन खरीद बिक्री के साथ-साथ मिट्टी बेचे जाने की पूरी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी व् अनिमियतता सतही तौर पर तो दृष्टिगोचर नहीं होती है । श्री यादव के द्वारा प्रस्तुत बिंदुवार कागजात के अवलोकन के पश्चात् इन दोनों मामलों में पूरी प्रक्रिया नियमानुकूल है ये साफ तौर पर द्रष्टव्य होता है ।

ऐसे में एक आम आदमी के जेहन में सहज ही सवाल उठ सकता है कि क्या श्री सुशील मोदी के द्वारा यादव परिवार पर लगाए आरोप तथ्यहीन व् निराधार तो नहीं हैं ? या आरोपों के पीछे उद्देश्य महज सनसनी पैदा कर पॉलिटिकल - माइलेज लेना तो नहीं है ?

वैसे भी सुशील मोदी जी का ट्रैक रिकॉर्ड ये बताता है कि पूर्व में भी अनेक मौकों पर अपने विरोधियों पर लगाए गए अपने आरोपों को वो साबित नहीं कर पाए हैं । शुचिता की दुहाई देने वाले सुशील मोदी जी इस बात से बखूबी अवगत होंगे कि आरोप लगाने से कुछ दिनों के लिए भ्रम की एक स्थिति कायम होती है मगर हासिल कुछ नहीं होता । राजनीतिज्ञों का जीवन सामाजिक व् सार्वजनिक सरोकार से सीधा जुड़ा होता है, साथ ही जनता और मीडिया के स्कैनर व् स्क्रूटनी में सदैव ही रहता है । ऐसे में लगाए गए आरोपों का आधार विधि-सम्मत होना चाहिए और आरोप लगाने वाले का ये दायित्व बनता है कि वो उसे कानूनी प्रक्रिया व् दायरे के तहत साबित करे श्री सुशील मोदी जी ने सनसनी तो पैदा जरूर की लेकिन अब तक मीडिया व् जनता के समक्ष कोई ऐसा दस्तावेज एवं तथ्य प्रस्तुत नहीं कर सके जिनसे ये साबित, सत्यापित हो सके कि लालू यादव व् उनके परिवार के किसी भी सदस्य पर उनके द्वारा लगाए गए आरोप प्रामाणिक व् तथ्यों पर आधारित हैं ।

आज के प्रेस -कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपना पक्ष सफाई व् गंभीरता से रखते हुए श्री लालू प्रसाद यादव ने अब गेंद एक बार फिर से सुशील मोदी जी के पाले डाल दी है । अब तकाजा ये है कि सुशील मोदी जी श्री यादव के द्वारा दिए गए तथ्यों व् सफाई पर अपना तार्किक, व्यावहारिक व् सबूत आधारित पक्ष रखें अन्यथा पहले से ही अपनी कमजोर हो चुकी क्रेडिबिलिटी को और कमजोर कर खुद को एक बार फिर माखौल की विषय-वस्तु ही बनाएंगे श्री मोदी ।


Alok Kumar,
Senior Journalist & Analyst

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