समय को इस सृष्टि की सबसे अनुपम और बलवती वस्तु माना गया है। जब समय यानी वक्त बदलता है तो इंसान को राजा से रंक और रंक से राजा बना देता है। इसके कहर से बड़े-बड़े राजा-महाराजा तक घबराते हैं।

The diabolic Corona virus is creating havoc all around the world. Nations hit by this pandemic infection have declared lock downs to save the lives of their countrymen. Every human being under the sun is virtually imprisoned or caged and only birds are flying in the sky!

प्रसिद्ध कूट-नीतिज्ञ चाणक्य का कथन है कि राजा का यह कर्त्तव्य बनता है कि वह अपने राज्य में प्रजा के जीवन और सम्पत्ति की रक्षा करे। राजा से यह भी अपेक्षा की जाती है कि तमाम सामाजिक संकटों में अपनी प्रजा की वह रक्षा करे। यही नहीं राजा को अपनी प्रजा की अकाल, बाढ़, महामारी आदि में समुचित रक्षा-व्यवस्था करनी चाहिए।

शाहीन बाग़ में जुड़े मजमे को संबोधित करने के लिए विभिन्न पार्टियों के नेताओं में होड़ मची हुयी है। कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर, शशि थरूर, दिग्विजय सिंह, सलमान खुर्शीद आदि इस मौके को हाथ से न जाने देने की गरज से भीड़ को उलटी-सीधी पट्टी पढ़ा चुके हैं और पढ़ा भी रहे हैं।

डाक्टर कुमार विमल बिहार के ही नहीं समूचे हिंदी जगत के एक जाने-माने कवि, लेखक और चिन्तक थे। बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् के निदेशक, तत्पश्चात बिहार लोकसेवा आयोग के सदस्य और बाद में इसी आयोग के अध्यक्ष बने।

मीडिया-कर्म के दायित्व पर बहुत कुछ लिखा या समझाया जाता रहा है। उसका निष्पक्ष रहना या फिर किसी विचार या पक्ष पर अपना अलग से स्टैंड (stand) लेना, इस पर भी बहुत बहस हो चुकी है।

पिछले दिनों ईयू/योरोपियन यूनियन का एक शिष्ट-मंडल जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात का जायज़ा लेने के लिए घाटी के दौरे पर गया था। पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिष्ट-मंडल ने स्पष्ट शब्दों में यह रेखांकित किया है कि आर्टिकल 370 को हटाया जाना भारत देश का अपना अंदूरूनी मामला है। घाटी में हो रही आतंकी घटनाओं की सभी सदस्यों ने एकस्वर में भर्त्सना की है और अभी हाल ही में पश्चिमी बंगाल के पांच मज़दूरों की आतंकियों द्वारा की गई जघन्य हत्याओं की कड़े शब्दों में निंदा भी की है।

मालदीव से बिटिया का फोन आया कि लगभग दस दिनों के लिए हम अलवर आ रहे हैं। प्रशांत ने जयपुर के निकट मनोहरपुर/बिशनगढ़ में बने अति चर्चित और भव्य "अलीला" रिसोर्ट में दो नाइट्स की एडवांस बुकिंग भी की है। आप दोनों के लिए अलग से कमरा भी बुक करा दिया है। ना मत करना।

प्रायः अनुभव किया गया है कि हमारे देश की कई सारी सामाजिक संस्थाओं के नाम ख़ास तौर पर होस्टलों के नाम जातियों पर रखे गये मिलेंगे। मसलन जाट होस्टल, राजपूत होस्टल, ब्राह्मण छात्रावास, मीणा छात्रावास, यादव होस्टल आदि-आदि ।