विभिन्न जनसंगठनों की मांग पर इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज होने जा रहा है,यह समाचार देखने-पढ़ने को मिला। निश्चित रूप से यह कदम जनभावनाओं की कद्रदानी है।

कुछ 'फारवर्ड किस्म के' मित्र इस कदम को अनुचित ठहरा रहे हैं। यहां पर निवेदन है कि कश्मीर में 'अनंतनाग' कस्बे को इस्लामाबाद और 'शंकराचार्य पर्वत' को 'कोहे-सुलेमान' कहा जाने लगा तब तो कोई कुछ नहीं बोला। साठ/सत्तर के दशक की बात है यह। अब यह न कहा  जाये कि कश्मीर की बात अलग है। अलग-शलग कुछ भी नहीं है। कश्मीर भी हमारे ही देश का हिस्सा है।

वैसे बम्बई का मुंबई, पूना का पुणे, मद्रास का चेन्नई, कलकत्ता का कोलकत्ता, बैंगलोर का बेंगलुरु आदि ये नाम भी तो बदले ही हैं। तब तो कोई कुछ नहीं बोला। अब क्या परेशानी है?


shiben rainaDr. Shiben Krishen Raina
Currently in Ajman (UAE)
Member, Hindi Salahkar Samiti,
Ministry of Law & Justice (Govt. of India)
Senior Fellow, Ministry of Culture (Govt. of India)

Dr. Raina's mini bio can be read here: 
http://www.setumag.com/2016/07/author-shiben-krishen-raina.html